हरिद्वार: हरिद्वार में अर्धसैनिक बलों के पूर्व कार्मिकों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिस्पेंसरी स्थापित करने की मांग उठाई गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उत्तराखंड के प्रदेश सह-संयोजक, व्यवसायिक प्रकोष्ठ पवन सैनी ने हरिद्वार स्थित पूर्व केंद्रीय सशस्त्र बल कार्मिक संगठन के कार्यालय पहुंचकर CISF सहित विभिन्न अर्धसैनिक बलों के पूर्व कार्मिकों और संगठन के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पूर्व कार्मिकों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों तक मांग पहुंचाने का आश्वासन दिया।
बैठक में संगठन के सदस्यों ने बताया कि हरिद्वार में अर्धसैनिक बलों के पूर्व कार्मिकों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्थानीय स्तर पर डिस्पेंसरी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके कारण उन्हें इलाज के लिए देहरादून जाना पड़ता है, जिससे बुजुर्गों को आवागमन और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
हरिद्वार में डिस्पेंसरी नहीं होने से पूर्व कार्मिकों को परेशानी
पूर्व केंद्रीय सशस्त्र बल कार्मिक संगठन के प्रतिनिधियों के अनुसार, हरिद्वार में रहने वाले कई पूर्व अर्धसैनिक कर्मियों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूसरे शहर जाना पड़ता है। उम्र बढ़ने के साथ नियमित जांच और उपचार की जरूरत वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
संगठन का कहना है कि यदि हरिद्वार में डिस्पेंसरी स्थापित की जाती है, तो पूर्व कार्मिकों और उनके परिवारों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे इलाज के लिए देहरादून आने-जाने की परेशानी भी कम हो सकती है।
CISF, BSF, ITBP समेत कई बलों के पूर्व कार्मिक प्रभावित
संगठन के मुताबिक, हरिद्वार में CISF, BSF, असम राइफल्स, ITBP और SSB सहित विभिन्न अर्धसैनिक बलों के लगभग 200 से 250 पूर्व कार्मिक एवं संबंधित सदस्य इस समस्या से प्रभावित हैं।
इस मांग को लेकर संगठन की ओर से पवन सैनी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में BHEL, हरिद्वार में डिस्पेंसरी स्थापित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई, ताकि पूर्व कार्मिकों को अपने निवास के आसपास उपचार की सुविधा मिल सके।
पूर्व कार्मिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं देना सामूहिक जिम्मेदारी: पवन सैनी
पवन सैनी ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा और राष्ट्रसेवा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पूर्व सैनिकों एवं अर्धसैनिक बलों के कार्मिकों की सुविधाओं और सम्मान का ध्यान रखना सभी का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को उपचार के लिए दूरस्थ स्थानों पर जाने की परेशानी से राहत मिलनी चाहिए। हरिद्वार में डिस्पेंसरी स्थापित होने से पूर्व कार्मिकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
पवन सैनी ने संगठन को आश्वस्त किया कि डिस्पेंसरी की मांग को संबंधित अधिकारियों और सक्षम मंचों तक पहुंचाकर इसके समाधान के लिए प्रयास किए जाएंगे।
संगठन ने ज्ञापन सौंपकर उठाई स्थायी समाधान की मांग
बैठक में संगठन के प्रतिनिधियों ने डिस्पेंसरी की स्थापना को पूर्व अर्धसैनिक कार्मिकों की स्वास्थ्य जरूरतों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया। उन्होंने मांग की कि BHEL, हरिद्वार में ऐसी सुविधा स्थापित करने के प्रस्ताव पर संबंधित विभाग गंभीरता से विचार करें।
इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष रूप चंद्र आजाद, सचिव राजीव शर्मा, समाजसेवी सर्वेश रावत सहित संगठन के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
हरिद्वार में डिस्पेंसरी स्थापित करने की मांग पर अब संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
