नई दिल्ली/देहरादून: उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन हुआ। अंकिता के माता-पिता और विपक्षी नेताओं ने रातभर धरना देकर केंद्र सरकार से मांग की कि दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति को सीबीआई जांच पूरी होने तक रोक दिया जाए। गुरुवार, 15 अक्टूबर की तड़के दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता और कई अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति रोकने की मांग
अंकिता भंडारी के परिजनों की प्रमुख मांग है कि हत्याकांड से जुड़े कथित VIP एंगल की जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। परिवार ने राष्ट्रपति और केंद्र सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने तथा नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की अपील की है।
राष्ट्रपति भवन की 12 अक्टूबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के बाद अंकिता के परिवार ने कथित VIP एंगल की जांच पूरी होने तक नियुक्ति रोकने की मांग उठाई।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि दुष्यंत कुमार गौतम को लेकर परिवार की ओर से लगाए गए आरोप जांच के निष्कर्ष नहीं हैं। आरोपों की पुष्टि और किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय करना जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया का विषय है।
अंकिता की मां ने कहा—मांग पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष
इंडिया गेट पर धरने के दौरान अंकिता की मां ने कहा कि जब तक दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति रद्द नहीं होती, वह अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि उन्हें सार्वजनिक स्थान पर धरना देने की अनुमति नहीं मिलती है, तो वह घर पर ही भूख हड़ताल करेंगी।
परिवार का कहना है कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए मामले से जुड़े सभी सवालों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। परिजन कथित VIP एंगल की जांच पूरी करने और नियुक्ति पर पुनर्विचार की मांग लगातार उठा रहे हैं।
अंकिता के पिता ने केंद्र सरकार को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
धरने के दौरान अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने केंद्र सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति रद्द करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग स्वीकार नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
परिवार की मांग है कि सीबीआई की जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। इस घटनाक्रम के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड और कथित VIP एंगल को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है।
रातभर धरने के बाद तड़के हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी
इंडिया गेट पर करीब रातभर चले प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने गुरुवार तड़के लगभग चार बजे अंकिता के माता-पिता और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
प्रदर्शन में कांग्रेस के कई नेता भी शामिल हुए। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को धरनास्थल पर पहुंचकर अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की थी। कांग्रेस नेताओं ने परिवार की मांगों का समर्थन किया और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
अंकिता भंडारी उत्तराखंड के ऋषिकेश क्षेत्र के वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। उनका शव चिल्ला नहर से बरामद हुआ था। इस मामले में कानूनी कार्रवाई और आरोपियों को सजा मिलने के बावजूद कथित VIP एंगल की जांच को लेकर परिवार की मांग फिर चर्चा में आई है।
अब इंडिया गेट पर हुए प्रदर्शन के बाद परिवार ने अपना आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। मामले में आगे की जांच, परिवार की मांगों पर सरकार के रुख और संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
