देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में विश्व हिंदू परिषद (VHP) की ओर से श्रद्धेय अशोक सिंघल जी के जन्म शताब्दी वर्ष समारोह का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर उनके जीवन, राष्ट्रसेवा, भारतीय संस्कृति के संरक्षण और राम जन्मभूमि आंदोलन में योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम के दौरान विश्व हिंदू परिषद की पत्रिका ‘विश्व हिंदू’ के विशेषांक का विमोचन भी किया गया, जिसमें अशोक सिंघल जी के जीवन और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है।
समारोह में संत-महात्माओं, विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में अशोक सिंघल जी के विचारों, आदर्शों और सामाजिक योगदान पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने उनके जीवन को राष्ट्रसेवा और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए समर्पित बताया।
देहरादून में अशोक सिंघल जन्म शताब्दी समारोह का आयोजन
विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य अशोक सिंघल जी के जीवन और उनके विचारों को स्मरण करना तथा उनके योगदान से नई पीढ़ी को परिचित कराना रहा। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने समाज को संगठित करने, भारतीय संस्कृति के संरक्षण और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर जनजागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के दौरान उनके सार्वजनिक जीवन और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
‘विश्व हिंदू’ पत्रिका के विशेषांक का हुआ विमोचन
जन्म शताब्दी समारोह का प्रमुख आकर्षण विश्व हिंदू परिषद की पत्रिका ‘विश्व हिंदू’ के विशेषांक का विमोचन रहा। इस विशेषांक में अशोक सिंघल जी के जीवन, उनके विचारों, राष्ट्रसेवा और भारतीय संस्कृति के संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है।
इस पहल को उनके जीवन और योगदान से जुड़ी जानकारियों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के प्रयास के रूप में देखा गया। समारोह के माध्यम से उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
राम जन्मभूमि आंदोलन में अशोक सिंघल की भूमिका को किया याद
कार्यक्रम में राम जन्मभूमि आंदोलन का उल्लेख करते हुए अशोक सिंघल जी की भूमिका को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने इस आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने और लोगों को इससे जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का भी उल्लेख किया गया। कार्यक्रम में मंदिर निर्माण को उस लंबे सांस्कृतिक संकल्प की ऐतिहासिक परिणति के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसके लिए अशोक सिंघल जी ने अपना जीवन समर्पित किया था। वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण का संदर्भ भी रखा।
समारोह में संत-महात्मा और VHP पदाधिकारी रहे उपस्थित
देहरादून में आयोजित इस कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष चंपत राय, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत डॉ. रवींद्र पुरी, पूज्य संत-महात्मा, विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
समारोह के अंत में अशोक सिंघल जी के विचारों, आदर्शों और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों को आगे बढ़ाने तथा उनके योगदान से नई पीढ़ी को परिचित कराने का संदेश दिया गया।
