देहरादून। ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट के जरिए कम रकम निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर कथित तौर पर 1.77 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने मामले की जांच के बाद राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले से 41 वर्षीय आरोपी किशोर को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से करीब 14 लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में जमा हुए थे। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी के बैंक खाते में महज चार महीने के भीतर लगभग 95 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ।
विनअड्डा गेमिंग वेबसाइट के विज्ञापन से शुरू हुआ ठगी का मामला
उत्तराखण्ड एसटीएफ के मुताबिक, हरिद्वार निवासी शिकायतकर्ता ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून में ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने यूट्यूब पर ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट विनअड्डा (Winadda) का विज्ञापन देखा था।
इसके बाद अज्ञात साइबर ठगों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से व्हाट्सऐप के माध्यम से संपर्क किया और लिंक भेजे। आरोप है कि ठगों ने कम धनराशि निवेश करके अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया। इसी झांसे में शिकायतकर्ता से वर्ष 2025 के दौरान कुल ₹1,77,53,960 यानी करीब 1.77 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा दर्ज कर जांच निरीक्षक अनिल कुमार को सौंपी गई।
चार महीने में बैंक खाते में हुआ 95 लाख रुपये का लेन-देन
जांच के दौरान एसटीएफ की टीम ने कथित साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और उनमें हुए वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण किया।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से लगभग 14 लाख रुपये आरोपी किशोर के बैंक खाते में क्रेडिट हुए थे। इसके अलावा, बैंक खाते की जांच में केवल चार महीने की अवधि में करीब 95 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन सामने आया।
इन वित्तीय लेन-देन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने संबंधित बैंक खाते के खाताधारक की पहचान कर आगे की कार्रवाई की।
राजस्थान के डीडवाना-कुचामन से आरोपी गिरफ्तार
उत्तराखण्ड एसटीएफ ने मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने के बाद राजस्थान में कार्रवाई की। पुलिस टीम ने किशोर पुत्र मदन लाल, उम्र 41 वर्ष, को राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के लाडनूं थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी का पता वार्ड नंबर-05, ऊंचा मगर बास, थाना लाडनूं, जिला डीडवाना-कुचामन, राजस्थान बताया गया है।
पुलिस मामले में आरोपी की कथित भूमिका और बैंक खातों के जरिए हुए वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।
उत्तराखण्ड STF की टीम ने की कार्रवाई
इस मामले में कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में निम्न अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे:
- निरीक्षक अनिल कुमार
- उपनिरीक्षक जगमोहन राणा
- उपनिरीक्षक वजिन्द्र सिंह नेगी
- कांस्टेबल सोनह बड़ोनी
उत्तराखण्ड एसटीएफ के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने साइबर अपराध से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई करने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए टीम प्रभारियों को निर्देश दिए हैं।
ऑनलाइन गेमिंग और निवेश के नाम पर ठगी से कैसे बचें?
उत्तराखण्ड एसटीएफ ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन गेमिंग, निवेश या कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का लालच देने वाले अज्ञात व्यक्तियों और वेबसाइटों से सतर्क रहें।
साइबर ठगी से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
- अनजान व्यक्तियों द्वारा भेजे गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
- ऑनलाइन गेमिंग या निवेश वेबसाइट की विश्वसनीयता की जांच करें।
- अधिक मुनाफे की गारंटी देने वाले प्रस्तावों से सावधान रहें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध प्लेटफॉर्म पर पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी सत्यता जांचें।
- साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत करें।
